Category: Crime news

  • कोलकाता डॉ. रेप और मर्डर केस


    यह घटना दिनांक 9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता स्थित RG Kar Medical College and Hospital में एक भयावह एवं दिल दहला देने वाली घटना सामने आई जिसमें एक 31 वर्षीय महिला डॉक्टर से रेप और मर्डर किया गया।
    यह सरकारी अस्पताल है जहाँ घरेलू, सीनियर और जूनियर डॉक्टरों की तैनाती होती है, और यह पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य प्रणाली का एक प्रमुख केंद्र है।

    रिपोर्टों के मुताबिक, डॉक्टर ने लगभग 36-घंटे की लंबी ड्यूटी पूरी की थी और उसके बाद वह आराम करने कमरे में अकेली थी। सुबह करीब 7:30 बजे उसे सेमीनार रूम में मृत स्थिति में पाई गई ।


    कौन थी वो लेडी डॉ

    पीड़िता एक trainee doctor थी। वह अस्पताल के सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के बीच एक मेहनती, समर्पित चिकित्सक के रूप में ज्ञात थी और देर रात तक पढ़ाई या दस्तावेजों पर काम कर रही थी। उसके सहकर्मियों ने बताया कि उसने रात को उनके साथ खाना भी साझा किया था और फिर अकेले रूम में पढ़ाई या विश्राम के लिए रही थी।


    प्रारंभिक जांच और गिरफ्तारी

    मुख्य आरोपी — Sanjay/Sanjoy Roy

    पुलिस ने तुरंत सिविक वॉलेंटियर (civic volunteer) Sanjay Roy (कुछ रिपोर्टों में Sanjoy Ray/Roy) को मुख्य संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया। वह अस्पताल परिसर में स्वतंत्र रूप से घूमता था और उसे वहां की कई विभागों में जाने की अनुमति थी।
    CCTV फुटेज से पता चला कि उसने उस कमरे में प्रवेश किया था जहाँ पीड़िता पाई गई थी, और कुछ समय बाद बाहर निकला था। इस आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस ने संदिग्ध के चलते-फिरते कपड़ों पर खून के धब्बे पाए। बाद में DNA मिलान से भी उसका लिंक मजबूत हुआ।


    पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट — भयावह विवरण

    पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट ने इस केस की गंभीरता को और स्पष्ट किया:

    • गला घोंटने के कारण थायरॉयड कार्टिलेज टूटना
    • पीड़िता के मुंह, आँखों, गुप्तांग सहित शरीर के अनेक भागों पर घाव
    • शरीर में खून और चोटों के निशान, जो संघर्ष और अत्यधिक हिंसा के संकेत देते हैं
    • लिवर और फेफड़ों में रक्तस्राव और जख्मों के मेटाफिज़िकल संकेत।
      ये सब निष्कर्ष बताते हैं कि हत्या क़त्ल की योजना और क्रूरता के साथ की गई थी, न कि आत्महत्या।

    .घटना के तुरंत बाद का क्रम

    घटना स्थल और कैसे पाया गया शव

    पुलिस के अनुसार डॉक्टर रात करीब 3:00 से 5:00 बजे के बीच कमरे में अकेली थी। आरोपी उसने वहां प्रवेश किया और एक भीषण यौन हमला करने के बाद हत्या कर दी। शरीर की स्थिति और चोटों से पता चलता है कि पीड़िता ने भागने और चिल्लाने की पूरी कोशिश की, पर वह सफल नहीं हो पाई।

    इसके बाद आरोपी बिना देखकर भागा, जैसे कि उसने कोई साक्ष्य मिटाने की कोशिश की हो, और सीधा अपने रोज़ के कामों में लग गया।


    स्थानीय पुलिस की प्रारंभ कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान

    स्थानीय पुलिस ने तुरंत Special Investigation Team (SIT) गठित की। पर कुछ आरोप लगे कि पुलिस ने गवाहों के बयान लेने में देरी, और प्रारम्भिक साक्ष्यों को सुरक्षित करने में लापरवाही की। इसे लेकर बाद में सतर्कता और डेटा संग्रहण पर कटुता हुई।

    सीबीआई हस्तांतरण

    स्थानीय जांच पर सवाल उठे और कोलकाता उच्च न्यायालय के निर्देश पर यह मामला सीबीआई (Central Bureau of Investigation) को सौंप दिया गया ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो सके।

    सीबीआई ने मामले में कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाले, उनमें शामिल थी आरोपी के जींस और जूतों पर पीड़िता का खून, जिससे हत्या की पुष्टि हुई।


    डॉक्टरों और जनता का विरोध

    यह घटना देशभर में विशाल विरोध प्रदर्शन का कारण बनी। मेडिकल स्टाफ, खासकर न्यूनतम वेतन प्राप्त डॉक्टर, ने अपनी सुरक्षा के लिए अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन किए। उन्होंने सुरक्षित कार्यस्थल, 24×7 सुरक्षा, और उन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    West Bengal सरकार के खिलाफ नाराज़गी:
    कई डॉक्टरों ने पुलिस कमिश्नर से इस्तीफे की मांग की और उनके कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

    IMA और मेडिकल संघ:
    भारतीय चिकित्सा संघ सहित अन्य संगठनों ने इस घटना को महिला सुरक्षा प्रणाली में गंभीर विफलता के रूप में बताया।


    न्यायिक प्रक्रिया और सजा

    कोलकाता की सेल्डा कोर्ट में ट्रायल के बाद Sanjay Roy को 20 जनवरी 2025 को जीवन-पर्यंत कारावास की सजा सुनाई गई। जज ने श्रेणी के तहत मौत की सजा नहीं दी, पर यह सजा ही दी गई कि दोषी को जीवन-पर्यंत जेल में रहना है।

    • आरोपी ने अपनी बेगुनाही की बात कही और दावा किया कि वह फंसाया गया है, पर अदालत ने उसे दोषी पाया।
    • सजा सुनाए जाने के बाद भी पीड़िता के परिवार ने कहा कि पूरी न्याय नहीं हुआ, और वे अपीलीय प्रक्रिया का सहारा लेंगे।


    सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव

    यह घटना भारत में महिलाओं की सुरक्षा पर एक पुनः राष्ट्रीय बहस छिड़ गई: क्या भारत में महिला अब भी सुरक्षित है

    महिलाओं की सुरक्षा और कानून की प्रभावशीलता

    कई विशेषज्ञों और वकीलों ने कहा कि भारत में रेप-मर्डर जैसे मामलों के प्रति न्यायिक सिस्टम और पुलिस संरचना अब भी कमजोर है, और इसमें बहुत सारे लूप होल है जिसकी वजह से अपराधी कई बार बच कर आसानी से निकल जाते है

    सीबीआई की आवश्यकता और लोक प्रशासन में पारदर्शिता

    स्थानीय जांच की कमी के कारण सीबीआई को मामला सौंपा गया, जिससे कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या राज्य-स्तरीय पुलिस प्रक्रिया में पक्षपात या अन्य बाधाएँ थीं।


    निष्कर्ष

    यह केस केवल एक अपराध की कहानी नहीं रहा — बल्कि यह भारत में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय के लिए लड़ाई, सरकारी जवाबदेही और सामाजिक चेतना का प्रतीक बन गया। एक डॉक्टर, जो लोगों की जान बचाती थी, खुद एक भयावह हिंसा का शिकार बनी और न्याय की माँग दुनिया भर में गूँजी।

  • पश्चिम बंगाल: मां-बेटी को जिंदा जलाने वाले आरोपी और उसके तीन साथी दोषी, उम्रकैद की सजा


    पश्चिम बंगाल के हल्दिया में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एक हिंदू मां-बेटी को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन और उसके तीन सहयोगियों को हत्या का दोषी ठहराया गया है। सेशंस कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    यह मामला फरवरी 2020 का है। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रमा और उनकी 19 वर्षीय बेटी रिया के रूप में हुई थी। दोनों मा बेटी उतर 24 परगना जिले की न्यू बैरकपुर की रहने वाली है | जांच में सामने आया कि सद्दाम हुसैन का मां और बेटी—दोनों के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध था। रिया आरोपी से शादी करना चाहती थी, लेकिन सद्दाम इससे बचना चाहता था।

    इसी के चलते सद्दाम हुसैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की हत्या की साजिश रची। आरोपी ने मां-बेटी को अपने घर बुलाया और खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। जब दोनों बेहोश हो गईं, तो सद्दाम और उसके साथी उन्हें झिकुरखाली नदी के किनारे ले गए और वहां पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया।

    कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने नदी किनारे जली हुई लाशें देखीं और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए शवों की पहचान की, जिसके बाद परिजनों ने रमा और रिया के रूप में उनकी शिनाख्त की।

    सोशल मीडिया और काल रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में सफल रही

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन और मंजूर आलम मलिक को गिरफ्तार किया। बाद में दो अन्य आरोपियों—सुखदेव दास उर्फ शिबू और अमीनुर हुसैन उर्फ सिंटू—को भी हिरासत में लिया गया।

    चारों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद सेशंस कोर्ट ने सभी चारों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।


  • पानी से भरी बाल्टी में डूबने से 10साल की बच्ची की मौत

    मध्य प्रदेश के भोपाल के ईदगाह हिल्स इलाके में स्थित पीएनबी कालोनी के एक फ्लैट में रहने वाली 10 साल की मासूम बच्ची की पानी से भरी बाल्टी में डूबने से मौत हो गई यह हादसा बुधवार करीब 10 30 बजे हुआ जब बच्ची खेलते खेलते बाथरूम तक पहुंच गई

    क्रेडिट बाय न्यूज Nation

    देखिये घर में अगर छोटे बच्चे है तो बाथरूम का दरवाजा बंद करके रखे नहीं तो दुर्घटना कभी भी हो सकती है अक्सर लोग बाथरूम खुला छोड़ देते हैं या बाल्टी में पानी भर कर छोड़ देते है एसा करना जानलेवा हो सकता

    मध्य प्रदेश के भोपाल की घटना

    भोपाल के ईदगाह हिल्स के एक फ्लैट में बुधवार रात 10 30 बजे बच्ची खेलते खेलते बाथरूम में चली गई इसी दौरान यह बची मुंह के बल बाल्टी में जा गिरी करीब 10 मिनट बाद मा ने देखा तो बची का चेहरा नीला पड़े चुका था बच्ची को आनन फानन में हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया बताया जा रहा है कि हादसे के समय बच्ची की मां किचन में व्यस्त थी करीब 10 मिनट तक बच्ची नजर नहीं आई तो उन्होंने लड़के से पूछा उसने बहन के साथ होने और उसकी जानकारी होने से इनकार कर दिया तब मा ने बाथरूम को चेक किया तो बच्ची को बाल्टी में डूबा पाया बच्ची के पांव ऊपर थे जबकि शिर पानी में डूबा हुआ था शानजबाद पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक टीम ने भी जांच की है घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है

    सोचिए जरा से लापरवाही ने बच्ची की जान ले लीलिहाजा इसी चीजों से बच्चों को दूर रखने की कोशिश करे