नवादा जिले के रोह प्रखंड के कोशी गांव में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। गांव से महज 500 मीटर की दूरी पर एक खेत से ग्रामीण डॉक्टर अशोक मिस्त्री (45 वर्ष) का शव बरामद हुआ। अपराधियों ने इस हत्याकांड को बेहद खौफनाक अंजाम दिया—पहले डॉक्टर के शरीर को दो टुकड़ों (धड़ और पैर) में काट दिया गया और फिर साक्ष्य मिटाने या दहशत फैलाने के उद्देश्य से उन्हें जिंदा जला दिया गया। इस घटना से क्षेत्र में डर का माहौल है
मृतक के परिजनों ने बताया कि अशोक मिस्त्री गुरुवार रात 7:00 बजे घर से निकले थे। रात 9:00 बजे जब पत्नी ने फोन किया, तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। रात भर घर नहीं लौटने पर परिजनों ने शुक्रवार सुबह थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच सूचना मिली कि खेत में एक जला हुआ शव पड़ा है। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने चेहरे के बचे हुए हिस्से से अशोक की पहचान की।
पैसे या या पुरानी रंजिश गुत्थी को सुलझने में लगी पुलिस
मृतक के पिता राजेंद्र मिस्त्री ने बताया कि अशोक उनके सबसे बड़े बेटे थे और पूरे परिवार के इकलौते सहारा थे। गांव में चर्चा थी कि अशोक अपनी प्रैक्टिस से अच्छा पैसा कमाते थे, जिससे पिता को आशंका है कि हत्या के पीछे लूट या पैसों की कोई बड़ी रंजिश हो सकती है। हालांकि, पिता ने यह भी कहा कि अशोक इतने नेक थे कि वे गरीबों का मुफ्त इलाज करते थे, जिससे वे पूरे क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय थे।
डॉग स्कड और फ्रैंसिक टीम पहुंची घटना स्थल पर
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी हुलास कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुष्टि की कि शव दो टुकड़ों में जला हुआ पाया गया है। साक्ष्य जुटाने के लिए पटना से FSL (फॉरेंसिक) और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अपराधियों की पहचान के लिए तकनीकी जांच तेज कर दी है।
बदले की आग में जली जिंदगी
डीएसपी हुलास कुमार के अनुसार जिस तरीके हत्या हुऐ है बदले की भावना से किया गया है ऐसा लग रहा है हालांकि परिवार को किसी भी व्यक्ति विशेष पर शक नहीं है पुलिस टावर डंप और मो की लोकेशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है
Leave a Reply