पश्चिम बंगाल के हल्दिया में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एक हिंदू मां-बेटी को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन और उसके तीन सहयोगियों को हत्या का दोषी ठहराया गया है। सेशंस कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
यह मामला फरवरी 2020 का है। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रमा और उनकी 19 वर्षीय बेटी रिया के रूप में हुई थी। दोनों मा बेटी उतर 24 परगना जिले की न्यू बैरकपुर की रहने वाली है | जांच में सामने आया कि सद्दाम हुसैन का मां और बेटी—दोनों के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध था। रिया आरोपी से शादी करना चाहती थी, लेकिन सद्दाम इससे बचना चाहता था।
इसी के चलते सद्दाम हुसैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों की हत्या की साजिश रची। आरोपी ने मां-बेटी को अपने घर बुलाया और खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। जब दोनों बेहोश हो गईं, तो सद्दाम और उसके साथी उन्हें झिकुरखाली नदी के किनारे ले गए और वहां पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया।
कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने नदी किनारे जली हुई लाशें देखीं और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए शवों की पहचान की, जिसके बाद परिजनों ने रमा और रिया के रूप में उनकी शिनाख्त की।
सोशल मीडिया और काल रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में सफल रही
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन और मंजूर आलम मलिक को गिरफ्तार किया। बाद में दो अन्य आरोपियों—सुखदेव दास उर्फ शिबू और अमीनुर हुसैन उर्फ सिंटू—को भी हिरासत में लिया गया।
चारों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 201 (सबूत मिटाना) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। लंबी सुनवाई के बाद सेशंस कोर्ट ने सभी चारों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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